आजमगढ़। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश तथा प्रोफेसर संजीव कुमार कुलपति महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के मार्गदर्शन में कल दिनांक 2 जून 2025 को को भव्य योग शिविर का आयोजन ग्रामीण क्षेत्र हाफिजपुर के आसपास लगाया जाएगा, जिसमें नवयुवकों से आह्वान किया गया है कि वे भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करावे । इस आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलपति सहित कई नामचिन हस्तियों का पदार्पण हो रहा है । शिविर में मुख्य रूप से नवचेतना एवं बाल चेतना के प्रति जागरूकता पैदा की जाएगी तथा ग्रामीणों को योगासन मस्तीका प्राणायाम एवं रामध्यान कराया जाएगा।
मीडिया प्रभारी डॉक्टर प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ द्वारा एक अनूठी पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से विश्व योग दिवस २०२५ की थीम “योगा फॉर वन अर्थ ,वन हेल्थ” के अंतर्गत मा॰ राज्यपाल महोदया के निर्देशानुसार योग शिविर के माध्यम से न सिर्फ शारीरिक एवं मानसिक के साथ-साथ पर्यावरण पर भी ग्राम वासियों का ध्यान खींचा जाएगा। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के योग कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर प्रशान्त कुमार राय ने बताया कि
प्रकृति का महत्व:एक ज्ञान वर्धक प्रदर्शनी का आयोजन जय भारत नर्सरी हाफिजपुर आज़मगढ़ में २ जून को प्रातः ७ बजे किया गया है ।जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर संजीव कुमार मा० कुलपति जी , मुख्य अतिथि वंशगोपाल सिंह (गंगोत्री पुरस्कार, फ़ार्मर फेलो पुरस्कार ,इनोवेटिव फार्मर अवार्ड , बेस्ट इंटरप्रेन्योर पुरस्कार से सम्मानित ) होंगे ।विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफ़ेसर अभिमन्यु यादव समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना होंगें । यह कार्यक्रम कागजों पर प्रदर्शनी का न होकर भारत की महान गुरुकुल परम्परा की तरह प्रकृति और पेड़ों की प्रत्यक्ष अनुभूति का होगा । जिसमें प्रतिभागी के मन मस्तिष्क पर अमिट छाप पड़ेगी । विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार का कहना है कि महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय लर्निंग विथ नेचर और लर्निंग बाय डूइंग के तहत विद्यार्थियों की एक ऐसी टीम तैयार करना चाहता है जिसके तहत विश्वविद्यालय से एंट्ररप्रेन्योर पैदा हों जिससे वह रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनकर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचा सकें ।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह बताने का प्रयास होगा कि आज की शिक्षा क्लास रूम से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष अनुभूति के माध्यम से कौशल युक्त व्यक्तित्व का निर्माण कर सकेगी ।इसके लिए इस प्रकार के आयोजनों का किया जाना आवश्यक होगा । इस एच बी स्थान का चयन इसलिए किया गया हैं कि यह अपने आप में ऐसा उदाहरण जिससे समाज प्रेरणा लेकर इस माध्यम से भी रोजगार सृजन कर सकता है । नई शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य भी यही है। इसका अभिप्राय साफ है कि नई पीढ़ी स्वावलंबी बने लोगों का सहारा बने जमाना उनके हिसाब से चलना शुरू करें। कल के योग शिविर के भी आयोजन का मुख्य उद्देश्य भी यही है।
