संवाददाता गणेश गुप्ता
आजमगढ़ ब्लॉक तरवा में मनरेगा के नाम पर सरकारी धन की लुटाई जोरों पर
ब्लॉक तरवा में सरकारी खजाने को लूटने में सचिव राजकुमार यादव व प्रधान घूरा राम सक्रिय
तरवा ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्शक
आजमगढ़ ब्लॉक तरवा के ग्राम सभा ऐरा खुर्द गांव में प्रधान घूरा राम सचिव राजकुमार यादव सरकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकार की आंख में धूल झोंककर सरकारी धन को बंदर बांट करने में लगे हुए हैं। प्रदेश की योगी सरकार को बदनाम करने एवं जिलाधिकारी की छवि को धूमिल करने में प्रधान व सचिव कही से कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। मामला तब उजागर हुआ जहां 48 मनरेगाकर्मियों फर्जी हाजिरी लगाकर केवल पेपर में खाना पूर्ति की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पहुंचे पत्रकारों ने देखा कि मौके पर एक फावड़ा भी मिट्टी नही फेंकी गई है। लोगों ने बताया कि प्रधान घूरा राम एव सिग्रेटरी राजकुमार यादव बहुत सारे ऐसे काम है जो मौके पर बिना कुछ करवाये ही ब्लाक के कर्मचारियों की मिली भगत से फर्जी भुगतान कराकर सरकारी धन का बन्दर बांट कर दिया गया है। लोगो नेयह भी कहा कि प्रधान घूरा राम का पूरा जांच सही तरीका से हो जाय तो जेल की सुर्खियों में होंगे, सरकारी धन का भुगतान करने में प्रधान भूराराम एवं सचिव राजकुमार यादव फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर सरकारी धन को डकारने में लगे हुए हैं। डेली 48 मजदूर की फर्जी हाजिरी लग रही है मुस्ट्रोल भी जारी है। मौके पर एक फावड़ा भी मिट्टी नहीं डाली गई है। प्रधान से संपर्क करने पर उन्होंने मीडिया कर्मियों को गोल-गोल घूमाने का प्रयास किया सचिव राजकुमार यादव ने भ्रमित करते हुवे खड़ंजे पर मिट्टी डालने का काम बताया है। फर्जी हाजिरी लगाने वाले मेट महिला, पंचायत सहायक से पूछा गया तो वह भी गोल-गोल घूमने का प्रयास किया है। मौके पर एक फावड़ा भी मिट्टी नहीं डाली गई है। आजमगढ़ जिला अधिकारी का सख्त निर्देश को ताख पर रखकर प्रधान व सचिव सरकार की योजना को तार तार करते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री योजना को धरातल पर ना दिखाकर प्रधान सचिव एवं ब्लाक के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से तरवा ब्लॉक में योजना को केवल पेपर में खाना पूर्ति कर सरकारी धन का बंदर बांट किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आजमगढ़ की जनता आस लगाए बैठी हुई है कि आजमगढ़ के तेज तर्रार जिला अधिकारी द्वारा इन भ्रष्टाचार में डुबकी लगा रहे प्रधान घूरा राम व सचिव राजकुमार यादव व सम्बन्धीत कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हैं या मामले को गोल माल कर निपटारा कर लिया जाता है।
