आजमगढ़, उत्तर प्रदेश सरकार मरीजों के इलाज में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त दुरस्त रखने का दावा कर रही है। बावजूद अस्पतालों में बैठे सरकार के मातहत ही सरकार को पलीता लगाने और बदलाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। वहीं कुछ दिन पहले सरकारी डॉक्टर द्वारा सीएमओ को रुपये देने के बात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वही आये दिन अस्पताल की सुरक्षा में लगे भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड द्वारा मारपीट की जाती है। जिसमें कई घटनाएं पुर्व में हो चुकी है ऐसे में सरकारी तंत्र सुरक्षा गार्ड से लेकर भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर पुरा तंत्र ही भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है आए दिन इन अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीजों के साथ छलावा हो रहा है।
ऐसे भ्रष्टाचार के मामले में ऑटो रिक्शा चालक समिति में कार्यवाही की मांग की है। बता दे कि सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे ऑटो रिक्शा चालक समिति उत्तर प्रदेश व जन किसान कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के तत्वधान में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष कृपा शंकर पाठक ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में दुर्व्यवस्थाओं का बोलबाला है। जिला अस्पताल में बैठे डॉक्टर मरीजों के पर्चे पर दलालों के माध्यम से बाहर की दवा खरीदने के लिए लिखते है। यह घटना संगठन मंत्री शाहिद अहमद के साथ जिला अस्पताल में घटित हुई। आरोप है कि जिले में अनेकों अस्पताल मानक के विपरीत जाकर जनता का शोषण कर रहे है। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग कि है की जिला अस्पताल में ही सारी दवाइयां मिलनी चाहिए न कि बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाए। अस्पताल में मरीजों के लिए सोनोग्राफी, ई०सी०जी०, एम०आर०आई०, सी०टी० स्कैन समेत अन्य आधुनिक मशीनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सरकारी अस्पतालों में एक अभियान चलाकर भ्रष्टाचार में संलिप्त सुरक्षा में लगे भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड, डॉक्टरों व कर्मचारियों पर कार्यवाही किया जाए। यदि मांगे पूरी नहीं की गई तो संगठन धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान छोटे लाल, वीरेंद्र यादव, अरविंद सिंह, कैलाश यादव, मुकेश श्रीवास्तव, रामवतार, सनी, सुरेश, दीपक, राजन, करम खान, विंध्याचल शुक्ला, गोवर्धन, सुजीत, अनील आदि मौजूद रहे।
