RTO कार्यालय गोण्डा के निराले कारनामे,शाम 05 बजे के बाद शमां होती है रोशन,जिला प्रशासन अंजान
वाहन फिटनेस के नाम 3000-3500 रुपए दलालों के माध्यम से वसूली होने का आरोप
संवाददाता हामिद अली
गोण्डा। आरटीओ कार्यालय अंतर्गत डीटीआई में दिनाँक 16 सितंबर 2025 को ड्राईविंग लाइसेंस हेतु करीब चालीस आवेदन हुए थे जिनमें से करीब 18-19 चालकों द्वारा कार व मोटरसाइकिल चलाकर दिए गए टेस्ट के दौरान कई कार चालक मानक अनुसार वाहन नही चला सके और कई चालक सफेद पट्टी पर कार चढ़ा दिए, शेष चालक अनुपस्थित रहे। डीटीआई परिसर में मौजूद लोगों में चर्चा सुनने को मिली कि मात्र 18/19 चालकों के टेस्ट में गिने-चुने चालकों द्वारा सुचारू रूप से ही वाहन चलाया जा सका। गौर करने की बात है कि टेस्ट के दौरान प्रतिदिन कितने लोग टेस्ट में सफल होते होंगे और कितने असफल और कितने चालकों का प्रतिदिन लाइसेंस जारी किया जाता रहा है यह तो मौके पर बनाए गए वीडियो की जांच से ही सच उजागर हो सकता है।
क्या ड्राइविंग टेस्ट लेते समय सिर्फ कार चालको का ही वीडियो बनाए जाने का प्रावधान है,लोगों में चर्चा रही कि शायद बाइक चालकों का वीडियो न बनाए जाने हेतु विभागीय नियम कानून लागू हो।
ड्राइविंग टेस्ट के दौरान आरआई के साथ विभागीय लेखाकार सभाजीत त्रिपाठी व बायोमैट्रिक करने वाले कर्मचारी राजेश कुमार रहते हैं जिसके बावजूद मारुति कम्पनी के कर्मचारी द्वारा टेस्ट देने वालों का वीडियो बनाया जाता है।
वाहन चालक द्वारा खुलेआम कहा गया कि उससे दलाल ने फिटनेस के नाम 3000 रुपए लिए हैं साथ में यह भी कहा गया कि यहां दलालों की भरमार रहती है बिना दलाल के कुछ नही हो सकता। वहीं लोगों में यह भी चर्चा सुनने को मिली कि यदि शाम 03-04 बजे के मध्य डीटीआई में किए जा रहे वाहनों के फिटनेस दौरान दलालों की भरमार रहती है।
जहां शाम 05 बजे सभी सरकारी कार्यालय बन्द होते है उसी के बाद आरटीओ कार्यालय में चहल पहल व रौनक शुरू होने के साथ-साथ शाम 07/7:30 बजे तक चहल पहल रहतीं है। यदि जिला प्रशासन द्वारा आरटीओ कार्यालय के कक्ष सहित परिसर का औचक निरीक्षण कर लिया जाय तो विभाग के कई चहेते गुर्गे अंदर-बाहर पाए जा सकते हैं।
