मुख्य चिकित्साधिकारी ने चार अस्पतालो का किया औचक निरीक्षण।

आजमगढ़  जनपद में आए दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण के बावजूद भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधारने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार ने सीएचसी, पीएचसी सहित चार अस्पतालो का निरीक्षण किए। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर सहित 12 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। मुख्यचिकित्सा अधिकारी ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन राकते हुए तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएचसी परशुरामपुर का औचक निरीक्षण किये, निरक्षण के दौरान स्टाप नर्स प्रसव करा रही थी। फार्मासिस्ट बाहर टहलते मिले, अन्य कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। सीएमओ ने स्टाप नर्स को छोडकर समस्त कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएचसी महराजगंज पहुंचे, निरीक्षण के समय इमरजेंसी सेवायें संचालित संचालित पायी गयी। उपस्थिति पंजिका जांच के दौरान वरिष्ठ सहायक प्रशान्त कुमार श्रीवास्तव एक जनवरी से अनुपस्थि मिले। डार्क रूम असिस्टेंट जितेन्द्र सिंह और आयुष्मान मैनेजर मिथिलेश बिना सूचना के सात फरवरी से गायब मिले। जांच के दौरान कोयलसा में इमजेंसी कक्ष में ताला लटक रहा था। दो स्थानो पर स्टाफ नर्स प्रसव कराते हुए मिली अन्य स्टाफ गायब था। कोयलसा सीएचसी पर निरीक्षण के दौरान स्टाप नर्स प्रसव करा रही थी। अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष में ताला बंद था कोई डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय उपस्थित नहीं था। सीएमओ ने स्टाप नर्स को छोड़कर अधीक्षक सहित समस्त कर्मचारियों का एक दिवस का वेतन रोकने का निर्देश दिए। कहा कि स्थिति से लगता है यहां पर कोई डॉक्टर परिसर में निवास नहीं करता हैं। इसके बाद सीएमओ सीएचसी अतरैठ पहुंचे। आयुष्मान आरोग्य मेले का संचालन किया जा रहा था। डॉ एके कश्यप उपस्थित नहीं थे। जिससे यह प्रतीत होता है कि उनके द्वारा कार्य में रूचि नहीं ली जा रही है। स्पष्टीकरण एवं कार्य के सत्यापन के उपरान्त ही वेतन देय होगा। स्टोर का निरीक्षण करने पर फार्मासिस्ट नरेंद्र नारायण मिश्र ने स्टाक बुक नहीं दिखाई गयी। सीएमओ ने तीन दिन के अंदर स्टाक बुक ठीक कर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

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