पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ की गई गोष्ठी, सुरक्षा व अन्य बिंदुओं पर की गई विस्तृत चर्चा

ब्यूरो चीफ हामिद अली,
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोंडा विनीत जायसवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में व्यापार मंडल के पदाधिकारियो के साथ आगामी त्योहारों महाशिवरात्री, होली पर्व के दृष्टिगत गोष्ठी की गई। जिसमें सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी से परिचय प्राप्त कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना गया। बैठक में मौजूद कुछ व्यापारी बन्धुओं द्वारा ट्रैफिक से सम्बन्धित दिये गये सुझावों को सुनकर व्यापारी बन्धुओं को आश्वस्त किया गया कि शीघ्र ही सम्बन्धित अधिकारियों/विभाग से समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाने का व्यापक अभियान चलाकर जनपद की सड़कों/सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा। व्यापारीगण को यह भी अवगत कराया गया कि कतिपय दुकानदार/व्यापरी बन्धुओं द्वारा दुकान के सामने ठेला लगवाने की शिकायते आती रहती है, यातायात की समस्या के निदान हेतु ऐसे व्यापारी बन्धुओं को भी संवेदनशील करने तथा सड़को/सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान/सहयोग देने की अपील की गयी। इस पर बैठक में मौजूद व्यापारी बन्धुओं द्वारा सार्वजनिक स्थलों/सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा ट्रैफिक की समस्या के निदान हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने का भरोसा दिलाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में महोदय द्वारा सभी पदाधिकारियों से अपनी-अपनी दुकानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरें लगवाने हेतु बताया गया। महोदय द्वारा गोष्ठी के दौरान पदाधिकारियों द्वारा बतायी गयी समस्याओं को उचित निदान करने का आश्वासन दिया गया। तत्पश्चात महोदय द्वारा उपस्थित सभी लोगो को सम्बोधित करते हुए साइबर अपराध के प्रकार व साइबर अपराध से बचाव हेतु जागरूक किया गया तथा *डिजिटल अरेस्ट के विषय में सभी को जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर ठग आपके पास काॅल/वीडियों काॅल कर खुद को किसी जांच एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर कानूनी टर्म का इस्तेमाल करते है तथा आपको किसी अपराध में शामिल होने की बात कहते है। कुछ मामलों में इंटरनेट पर अश्लील वीडियों देखने का भी आरोप लगाते है साथ ही पीड़ित से किसी भी शांत स्थान पर जाने की बात करते है। जिससे परिवार या फिर किसी जानकार से संपर्क नही हो सके। साइबर ठग पीड़ित पर मानसिक रूप से दबाव बनाकर पीड़ित को अपनी बातों में ले लेते है और मामला सेटल करने के लिए पैसे देने की बात कहते है। कुछ मामलों में ठगों को पुलिस की वर्दी पहने भी देखा गया है। याद रखे कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर कानूनी कार्यवाही नही करता है। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की कोई भी साइबर ठगी हो गयी है तो घबराना नही है। आपको पुलिस की साइबर सेल या 1930 पर काॅल कर पूरी जानकारी देनी है।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत, क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनन्द कुमार राय, निरीक्षक प्रज्ञान व व्यापार मंडल के पदाधिकारीगण मौजूद रहें।
