चोरी की कई घटनाओं का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार, कब्जे से सोने चांदी के आभूषण, चोरी करने के उपकरण, नगदी व चोरी की मोटरसाईकिल बरामद
संवाददाता हामिद अली
पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज श्री विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा चोरी की कई घटनाओं का खुलासा करते हुए शातिर चोर धर्मपाल मिश्रा पुत्र विजय कुमार मिश्रा निवासी सिविल लाइन गायत्रीपुरम, थाना कोतवाली नगर, जनपद गोण्डा को रात्रि गश्त के दौरान गिरफ्तार कर कब्जे से सोने चांदी के आभूषण, चोरी करने के उपकरण, नगदी व चोरी की मोटरसाईकिल को बरामद किया गया।
आज दिनांक 01.08.2025 को थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा गश्त व चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर शातिर चोर धर्मपाल मिश्रा को गिरफ्तार किया गया, जो चोरी की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (फर्जी नंबर प्लेट सहित) से जा रहा था। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक पिट्ठू बैग मिला, जिसमें चोरी के औजार, सोने-चांदी के जेवर, ₹7870 नकद, प्राचीन चांदी के सिक्के, कपड़े व अन्य सामग्री बरामद हुई। कुछ दिन पूर्व इसके दो साथियों सुनील चौधरी और खेमराज गिरि को करनैलगंज व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार पर जेल भेजा गया था। गिरफ्तार अभियुक्त अपराध की दुनिया के शातिर व सक्रिय सदस्य हैं, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी चोरी, लूट, नकबजनी व अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे पंजीकृत हैं। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त धर्मपाल मिश्रा पुत्र विजय कुमार मिश्रा निवासी सिविल लाइन, गायत्री पुरम, थाना को0 नगर जनपद गोण्डा ने स्वीकार किया कि वह एक सक्रिय चोर गिरोह का सदस्य है, जो जनपद गोण्डा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रेकी कर योजनाबद्ध ढंग से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। अभियुक्त ने अपने अन्य साथियों — सुनील कुमार चौधरी (बलरामपुर), खेमराज गिरी व राम प्रताप गोस्वामी (बहराइच) एवं राधेश्याम (सैफई, इटावा) — के साथ मिलकर कुल 05 घटनाएं (महेश ज्वैलर्स कर्नलगंज, पूरेबदाचक कौड़िया, रामापुर कौड़िया, नौव्वा गांव इटियाथोक, व आर्यनगर खरगूपुर) करना स्वीकार किया। अभियुक्त ने बताया कि वे रात के समय सुनसान स्थानों या बंद दुकानों को निशाना बनाते थे और चोरी के दौरान सब्बल, पेचकस, रिंच आदि औजारों का प्रयोग करते थे। चोरी के बाद माल को आपस में बांट लिया जाता था या बेच दिया जाता था, तथा भागने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे।
