आकस्मिक निरीक्षण के दौरान खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल।
अधीक्षक समेत दस स्वास्थ्य कर्मी रहे अनुपस्थित, वेतन रोकने के साथ मांगा स्पष्टीकरण।
रात को सीएचसी, पीएचसी पर निरीक्षण के दौरान खुली स्वास्थ्य सुविधा की पोल।
कहीं इमरजेंसी पर लटकता रहा ताला तो कहीं बिना हस्ताक्षर के नदारत रहे कर्मचारी।
आजमगढ़ ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुविधा सिर्फ कागजों पर ही बेहतर दिखती रहै। जमीनी हकीकत कुछ और ही है। रात की बात कौन करे दिन में इलाज के डॉक्टर मिलते ही नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही पर शिकायत मिलती रहती है। पोल तो तब खुली जब मंगलवार की रात मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार संग अलग-अलग एसीएमओ की टीम ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। हालात यह थे कि कही इमरजेंसी पर ताला लटक रहा है तो कही डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी नदारत थे। वही अधीक्षक समेत कुल दस स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाएं गए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरदह पहुंचे तो वहां की स्थिति देख कड़ी नाराजगी जताई। वही इमरजेंसी कक्ष में ताला बंद कर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी नदारत दिखे। चिकित्सा अधीक्षक समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने आवास में आराम फरमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने फोन कर बुलाय इसके बाद कुछ तो आ गए लेकिन फार्मासिस्ट शशिभूषण राय और उपचारिका मेनका राय अनुपस्थित रही। इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य ठेकमा पहुंचे तो वही सभी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। इधर एसीएमओ डॉ अरविंद चौधरी जीयनपुर सीएचसी पहुंचे तो मरीजों को भोजन, दवा और इलाज आदि की जानकारी ली। इस दौरान स्टाफ कम दिखे तो उन्होंने स्वास्थ्य कर्मीयाे से पूछताछ किया तो पता चला कि अधीक्षक फैजान अहमद सिद्दकी और इमरजेंसी ड्यूटी से डॉ यूपी राव अनुपस्थित है। वही एसीएमओ डॉ अविनाश झा द्वारा सीएचसी अतरौलिया का निरीक्षण किया तो वहां सभी कर्मचारी उपस्थित और मरीजों को देखते हुए पाएं गए।
एसीएमओ डॉ उमाशरण पांडेय रानी की सराय सीएचसी पहुंचे तो वार्ड के बाहर साफ-सफाई ठीक ढंग से नहीं थी। इस दौरान उपस्थिति पंजिका को देखकर स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी ली तो पता चला कि फार्मासिस्ट अवधेश चौधरी और वार्ड ब्याय हरेंद्र यादव ड्यूटी से अनुपस्थित है। एसीएमओ डॉ आलेंद्र मुबारकपुर सीएचसी पहुंचे तो महिला चिकित्सक डॉ नाजिमा बानो, स्टाफ नर्स स्नेहलता चौहान, मीना यादव और वार्ड ब्याय जयराम चौहान अनुपस्थित पाएं गए। सीएमओ ने अनुपस्थित अधीक्षक व स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। विभाग के इस औचक निरीक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात चिकित्सकों में हडकंप मचा हुआ है।
